रेवांचल टाईम्स–सिवनी की गलियों को देख कर नेताओं और अफसरों का पशु प्रेम साफ नजर आता हैं।
शहर के चौक चौराहे आवारा पशुओं और कुत्तों से सुसज्जित है मगर सिवनी के नेताओं और अफसरों को इसकी कोई परवाह नहीं है जबकि स्कूल शुरू हो गए हैं बहुत सारे बच्चे साईकिल से और पैदल स्कूल की ओर जाते हैं इन आवारा कुत्तों के झुंड के कारण कई बार बच्चे साइकिल से गिर जाते हैं काटने का डर भी होता है लेकिन नागरिकों का और बच्चों का भला सोचने का ढिंढोरा पीटने वाले छोटे बड़े नेताओं का इस पर ध्यान नहीं जाता।
आज सुबह ही दलसागर के पास वाचनालय के सामने कुत्तों का झुंड जिसमें 35 से 40 आवारा कुत्ते एक साथ रोड में घूम रहे थे और वहां से स्कूली बच्चे आ जा रहे थी कुछ लोगों ने बताया कि एक स्कूली बच्ची कुत्ते के कारण साइकिल से गिर भी गई जिसे हल्की फुल्की चोट आई और बच्ची स्कूल चली गई मगर यह कुत्ते शायद उसे काट भी सकते थे, लगता है शहर का प्रशासन इस प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित होने का इंतजार कर रहा है।
कई बार इन आवारा कुत्तों के कारण मोटरसाइकिल सवार गाड़ियों से गिर जाते हैं । इन आवारा कुत्तों की धमाचौकड़ी रात भर चलती रहती है इनके रोने और भौंकने की आवाज से कई बार लोग सो भी नहीं पाते हैं वैसे भी लोग कुत्ते के रोने को सही नहीं मानते हैं और उसी चिंता में रात भर सो नहीं पाते हैं।
इन आवारा कुत्तों के कारण बच्चों का बचपन छीन रहा क्योंकि गलियों में आवारा कुत्तों की धमाचौकड़ी के कारण हम अपने बच्चों को गली, मैदान,पार्क में भी खेलने नहीं पहुंचाते क्योंकि वहां डर बना रहता है इन आवारा कुत्ते के हमला करने का, कई बार गाड़ियों के पीछे इन्हे दौड़ते देखा जा सकता है।
मगर यह केवल रोड में चलने वालों को दिखता है जो नेता बड़ी बड़ी गाड़ियों में घूमते हैं और बंद ऑफिस में बैठते हैं उन्हें यह सब दिख पाना मुश्किल लगता है ।
विनोद दुबे के साथ रेवांचल टाईम्स की रिपोर्ट
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